नारी — एक नई सुबह
शीर्षक: नारी — एक नई सुबह
नारी केवल एक शब्द नहीं,
वह जीवन की एक धारा है।
शांत भी, गहरी भी,
और अनंत तक बहने वाली भी।
उसकी आँखों में सपनों का आकाश है,
और मन में अडिग विश्वास है।
वह जहाँ खड़ी हो जाती है,
वहीं से एक नया इतिहास है।
वह चुप भी रहती है तो
समय को बहुत कुछ सिखा जाती है,
और जब मुस्कुरा देती है
तो थकी हुई दुनिया में आशा जगा जाती है।
वह संघर्ष भी है,
और सृजन भी।
वह कोमल भी है,
और अटूट साहस का दर्पण भी।
कभी वह धूप बनकर
अंधेरों को रास्ता दिखाती है,
कभी चाँदनी बनकर
थके दिलों को सुकून दिलाती है।
उसके कदम जहाँ पड़ते हैं,
वहाँ विश्वास जन्म लेता है।
उसकी एक छोटी सी मुस्कान से
जीवन फिर से खिल उठता है।
उसके भीतर एक उजाला है
जो कभी बुझता नहीं,
वह जहाँ जाती है
वहाँ जीवन ठहरता नहीं।
आज का दिन केवल एक दिन नहीं,
यह उसकी गरिमा का सम्मान है।
हर स्त्री के मन की गहराई में
एक अद्भुत, अनंत आसमान है।
यह कविता समर्पित है
हर उस स्त्री को
जो अपनी शांति, अपने साहस और अपनी मुस्कान से
दुनिया को थोड़ा और सुंदर बना देती है।
Happy Women’s Day – Her Voice के साथ हर नारी को सलाम।

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