Posts

Showing posts from October, 2025

नए ज़माने की नई नारी

Image
नए ज़माने की नई नारी नए ज़माने की नई नारी, अब जीत करेगी दुनिया सारी। सपनों को अब वो सच बनाए, हर सीमा से आगे जाए। अब आँधियाँ भी झुक जाएँगी, जब वो अपनी राह बनाएगी। अब पिंजरे का नाम न लेगी, खुले गगन में उड़ जाएगी। कल तक जो सुनती थी सबकी, आज सुने वो अपनी दिल की। बोल उठी जो मौन थी कल, अब उसकी आवाज़ है हलचल। वो कोमल भी, कठोर भी है, हर रूप में ठोस भी है। आँखों में अग्नि, लहजे में प्यार, सीने में सागर, दिल में बहार। अब ना आँसू उसकी हार हैं, वो तो उसकी पहचान हैं। हर गिरावट में सीखा उसने, कैसे बनते अरमान हैं। कभी बेटी, कभी माँ बनती, हर किरदार में जादू भरती। दुनिया को जिसने जीवन दिया, अब खुद को जीने निकली जिया। अब डर नहीं, अब भार नहीं, अब "ना" कहना शर्म नहीं। जो ठानी, वो कर जाएगी, अपनी राह खुद बन जाएगी। उसकी उड़ान का कोई पार नहीं, उसके हौसले का कोई आकार नहीं। अपने पंख फैलाएगी वो, सारा आसमां छू आएगी वो। अब वक्त उसका, दौर उसका, हर सूरत में नूर उसका। ये नारी अब कहानी नहीं, खुद इतिहास लिखेगी वही।