ऐ नारी…
ऐ नारी,
तू है किस्मत की मारी —
ये ताना अब पुराना है,
अब खुद को ये जताना है
और दुनिया को भी दिखाना है।
जो शक्ति तेरे अंतरमन में है,
वो सबसे अद्भुत, सबसे नयन है,
जो चुप रहकर भी तू सह जाती है,
वही मौन तेरा सबसे बड़ा वचन है।
तू आँसू में भी आशा बोती है,
हर ठोकर को सीढ़ी बनाती है,
जहाँ रुकने को कहे ये दुनिया,
वहीं से तू उड़ान लगाती है।
तेरी कोमलता तेरी कमजोरी नहीं,
तेरा धैर्य ही तेरी पहचान है,
तू झुकी नहीं, बस ठहरी थी कभी,
अब हर दिशा में तेरा ही नाम है।
अब वक्त है खुद को पहचानने का,
हर बंधन को तोड़ दिखाने का,
ऐ नारी, तू सिर्फ कहानी नहीं,
तू ही सृजन है, तू ही उड़ान है।

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