जीवन की राह # PATH OF LIFE
🌿 जीवन की राह 🌿
जीवन की राह कोई सीधी रेखा नहीं,
कभी कांटे, कभी फूलों की परछाई कहीं।
कभी धूप में तपता निःशब्द द्वार,
कभी बारिशों में भीगता प्यार।
कभी मंज़िल पास लगे, पर न हो,
कभी खो जाएँ रास्ते, फिर भी बहो।
हर मोड़ सिखाता है कुछ नया,
हर ठोकर बन जाती है अनुभव का काया।
चाहे मिले अंधेरे, चाहे उजाले,
मन में हो दीप, तो डर किसके हवाले?
थोड़ी रुकावट, थोड़ी उड़ान,
इन्हीं से बनती है जीने की जान।
जो थक जाए, वो बैठ ले ज़रा,
पर हार नहीं, ये विश्राम की कला।
चलते रहो, चाहे धीमे सही,
क्योंकि राहें रुकने वालों की नहीं।
जीवन की राह है खुद एक गीत,
कभी करुण, कभी मधुर संगीत।
तू बस चलता चल विश्वास लिए,
हर मोड़ पे तेरा सूरज खिले।

nice poetry....
ReplyDelete👌
ReplyDeleteBhot badiya
ReplyDeleteThank u froends
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